pet dard ke upay in hindi – हिंदी में पेट दर्द के उपाय

pet dard ke upay in hindi

अच्छे जीवन के लिए जरूरी है अच्छा स्वास्थ्य। इस संबंध में कहावत मशहूर हैं जैसे कि हेल्थ इज वेल्थ, पहला सुख निरोगी काया आदि।

अधिकतर बीमारियों की वजह होती है असंयमित खान-पान। गलत खानपान के कारण कभी-कभी पेट में दर्द होने लगता है।

इस लेख में हम आपको बता रहे हैं पेट दर्द के इसाज के लिए घरेलू उपचार।

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यूं तो पेट दुखने के अलग-अलग कई कारण हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर पेट दर्द का एक मुख्य कारण अपच, मल सूखना, गैस बनना यानी वात प्रकोप होना और लगातार कब्ज बना रहना भी है।

पेट दर्द को दूर करने के लिए कुछ घरेलू उपाय है, जो दर्द तो दूर करते है, साथ ही साथ पेट की क्रियाओं को भी ठीक करते है।

आइए जानें इन उपायो के बारें में।

पेट दर्द के घरेलू उपचार – pet dard ke upay in hindi

पेट दर्द मे हींग का प्रयोग लाभकारी होता है। 2 ग्राम हींग थोड़े पानी के साथ पीसकर पेस्ट बनाएं। नाभी पर और उसके आस-पास यह पेस्ट लगाए।

अजवाइन को तवे पर सेक लें और काले नमक के साथ पीसकर पाउडर बनाएं। 2-3 ग्राम गर्म पानी के साथ दिन में 3 बार लेने से पेट का दर्द दूर होता है।

जीरे को तवे पर सेकें और 2-3 ग्राम की मात्रा गर्म पानी के साथ दिन में 3 बार लें। इसे चबाकर खाने से भी लाभ होता है।

पुदिने और नींबू का रस एक-एक चम्मच लें। अब इसमें आधा चम्मच अदरक का रस और थोडा सा काला नमक मिलाकर उपयोग करें। दिन में 3 बार इस्तेमाल करें, पेट दर्द में आराम मिलेगा।

सूखी अदरक मुंह में रखकर चूसने से भी पेट दर्द में राहत मिलती है। बिना दूध की चाय पीने से भी कुछ लोग पेट दर्द में आराम महसूस करते हैं।

अदरक का रस नाभी स्थल पर लगाने और हल्की मालिश करने से पेट दर्द में लाभ होता है। अगर पेट दर्द एसिडीटी (अम्लता) से हो रहा हो तो पानी में थोड़ा सा मीठा सोडा डालकर पीने से फ़ायदा होता है।

पेट दर्द निवारक चूर्ण बनाएं। इसके लिए भुना हुआ जीरा, काली मिर्च, सौंठ, लहसून, धनिया, हींग सूखी पुदीना पत्ती, सबकी बराबर मात्रा लेकर बारिक चूर्ण बनाएं।

इसमें थोडा सा काला नमक भी मिलाएं। खाने के बाद एक चम्मच थोड़े से गर्म पानी के साथ लें। पेट दर्द में आशातीत लाभकारी है।

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एक चम्मच शुद्ध घी में हरे धनियें का रस मिलाकर लेने से पेट की व्याधि दूर होती है।

अदरक का रस और अरंडी का तेल प्रत्येक एक-एक चम्म च मिलाकर दिन में 3 बार लेने से पेट दर्द दूर होता है।

अदरक का रस एक चम्मच, नींबू का रस 2 चम्मच लेकर उसमें थोडी सी शक्कदर मिलाकर प्रयोग करें। पेट दर्द में लाभ होगा। दिन में 2-3 बार ले सकते हैं।

अनार पेट दर्द मे फ़ायदेमंद है। अनार के बीज निकालें। थोडी मात्रा में नमक और काली मिर्च का पाउडर डालें। और दिन में दो बार लेते रहें।

मेथी के बीज पानी में भिगोएं। पीसकर पेस्ट बनाएं। और इस पेस्ट को 200 ग्राम दही में मिलाकर दिन में दो बार लेने से पेट के विकार नष्ट होते हैं।

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इसबगोल के बीज दूध में 4 घंटे भिगोएं। रात को सोते समय लेते रहने से पेट में मरोड का दर्द और पेचिश ठीक होती है।

सौंफ़ में पेट का दर्द दूर करने के गुण होते है। 15 ग्राम सौंफ़ रात भर एक गिलास पानी में भिगोएं। छानकर सुबह खाली पेट पीयें। बहुत गुणकारी उपचार है।

आयुर्वेद के अनुसार हींग दर्द निवारक और पित्तव‌र्द्धक होती है। छाती और पेट दर्द में हींग का सेवन बेहद लाभकारी होता है।

छोटे बच्चों के पेट में दर्द होने पर एकदम थोडी सी हींग को एक चम्मच पानी में घोलकर पका लें। फिर बच्चे की नाभि के चारों लगा दें। कुछ देर बाद दर्द दूर हो जाता है।

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नींबू के रस में काला नमक, जीरा, अजवायन चूर्ण मिलाकर दिन में तीन बार पीने से पेट दर्द से आराम मिलता है।

ध्यान रहे कभी-कभी पेट में दर्द किसी बीमारी या गंभीर समस्या के कारण भी हो सकता है।

इसलिए लगातार या तेज पेट में दर्द की समस्या होने पर डॉक्टर से मिलें और सभी जरूरी जांच आदि कराएं।

आजकल पेट दर्द होना जैसे आम बीमारी हो गयी है चाहे वो बच्चे हो या बड़े सभी को। पेट दर्द का मुख्य कारण है गलत खान पान और अपने शरीर पर ध्यान नहीं देना।

पेट में दर्द किसी को कही भी हो सकता है। ये जरूरी नहीं उस व्यक्ति को कोई बीमारी हो या फिर उसे हर समय dard होता ही हो।

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पेट में दर्द व्यक्ति को ऊपर और नीचे हिस्से की तरफ होती है जो पहले कम हो के तेज हो जाती है।

हालांकि पेट दर्द व्यक्ति को कभी भी कुछ देर के लिए या ज्यादा समय के लिए भी हो सकती है।

पेट में दर्द कई अलग अलग कारणो से होता सकता है जो आम से लेकर गंभीर स्थितियो में हो सकती है जैसे की अत्यधिक गॅस से लेकर गंभीर स्थिति तक।

कुछ महिलाओ को पेरिओड्स के दौरान और कुछ को तो गर्भावस्था के दौरान भी पेट दर्द सहना पड़ता है।

पेट दर्द का पता डॉक्टर आपके शरीर की जांच के द्वारा पता करते है।

सबसे पहले चलिये आए जाने पेट दर्द कितने प्रकार से होते है –

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1. सामान्य दर्द

सामान्य दर्द जब होता है तो जल्द ही व्यक्ति को इससे आराम भी मिल जाता है। ये दर्द पेट के आधे या उससे अधिक हिस्से में होता है।

ये दर्द अलग अलग बीमारियो के साथ भी हो सकता है और ये दर्द बिना किसिस उपचार के भी टीएचके होने लगता है।

जैसे की अपच और पेट की अन्य समस्या सामान्य पेट दर्द के कारण होती है।

2. स्थानीय दर्द

स्थानीय दर्द व्यक्ति को पेट के एक हिस्से में होता है जो की अचानक और बहुत अधिक दर्द के लक्षण है।

अपेंडिक्स का दर्द सामान्य दर्द से शूर होकर लेकिन हमेशा एक ही हिस्से में होने से ये स्थानीय दर्द के लक्षण हो जाते है।

पिताशय क बीमारी या पेप्टिक अल्सर का दराड़ अक्सर पेट के एक हिस्से में शुरू होता है और उसी स्थान पे होता है।इसमे पेट के किसी अंग में सूजन भी हो सकता है।

3. ऐंठन – pet dard ke upay in hindi

ये एक प्रकार का दर्द है जो आता जाता रहता है और दर्द होने की स्थिति को कम या गंभीर बना देता है।

ऐंठन ज़्यादातर सामान्य ही होती है जब तक गॅस या माल पारित करने से राहत नहीं मिलती है। कई महिलाओ को मासिक धर्म के समय ऐंठन होती है।

पेट दर्द एक प्रकार का लक्षण ही है जिसका तात्पर्य यह है की कोई व्यक्ति अगर दर्द से परेशान है तो वो अपनी परेशानी डॉक्टर की सामने खुल कर करे जेएससे डॉक्टर को इसके लक्षण समझने में आसानी हो जैसे की-

 

  • बुखार
  • बहुत दिनो से सही ढंग से खाना पीना नहीं
  • माल त्यागने में पेट में परेशनि होना और उल्टी होना
  • उल्टी करते समय खून आना
  • माल त्यागने के समय में खून आना
  • सांस लेने में हर समाअत तकलीफ होना
  • पेशाब होने पर दर्द होना या कुछ बदलाव होना
  • गर्भावस्था के दौरान दर्द होना
  • पेट को छूने में मुलायम महस्सोस करना
  • अगर पेट के किससी हिस्से में चोट लगा हो
  • दर्द बहत दिनो तक रहना

ये सारे लक्षण आंतरिक समस्या के तरफ संकेत कर ते है तो जरूरी है आप इसका इलाज करवाए और जल्द से जल्द इस परेशानी को दूर भगाये।

पेट में दर्द बहुत से कारण से हो सकता है जैसे की

  1. पेट में गॅस के कारण
  2. एसिडिटि के कारण
  3. अपच
  4. पेट का फ्लू
  5. अपेंडिक्स
  6. मशिक धर्म के टाइम दर्द
  7. कब्जियत
  8. दर्द जो बड़ी आत को प्रभावित करे
  9. फूड अलेरजी
  10. फूड पोइजनिंग
  11. हरणीया पिताशय में पथरी होनापाचन तंत्र ठीक से काम न करना
  12. पेलविक क्षेत्र में सजन की बीमारी
  13. अल्सर या फोड़ा
  14. मूत्र पाठ के संक्रमण
  15. त्वचा के चकते और दाद से कभी कबर दर्द होना
  16. कुछ जहरीलों कीड़ो के द्वारा काटने पर दर्द होना
  17. निमोनिया बीमारी में पेट दर्द होना
  18. पेट में कीड़े होने के वजह से दर्द
  19. दस्त की वजह से

पेट दर्द के कारण को आप रोक सकते है जो आपके वश में होता है बस जरूरी है आप अपने जीने का तरीका सही करे।

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पेट दर्द के बचाव के लिए आपको जरूरी है कुछ अच्छी आदते अपनाने की जिससे आप स्वस्थ एवं खुस रेह सकते है जैसे की

1. खाना तेजी से नहीं धीरे से खाये

अगर आप अपने खाने को बड़े बड़े टुकड़ो में काट कर बिना चबाये खाते है तो उसके साथ आप हवा भी अपने भीतर निगलते है |

जिससे पेट में गॅस बनने लगती है और पेट में दर्द होने लगता है। इसलिए जरूरी है आप अपने खाने को धीरे धीरे खाये और चबा कर खाये।

2. लंबे समय के अंतराल में भोजन न करे

कुछ लोग अपने खाने को बहुत ही लेट से खाते है या फिर सुबह खाते है फिर सीधे रात को जिससे उनके पेट में गॅस बनने लगती है और पेट में दर्द होना शुरू हो जाता है।

इसलिए जरूरी है आप अपने खाने के अंतराल को छोटे छोटे समय पर बांधे जिससे आपको गॅस नहीं होगी |

इसके लिए आपको अपनी डाइट को सही करना पड़ेगा और बीच बीच में कुछ स्नैक्स या हेल्थी चीजे को खाते रहना होगा।

3. ज्यादा मसालेदार खाना खाने से बचे

अधिक तला या मसालेदार खाना खाने से आपके पेट में परेशानी उत्पन्न होती है जिससे आपका पाचन तंत्र खराब होने लगता है |

इसलीये जरूरी है आप अपने खाने में सब्जिया और फ़ाइबर युक्त भोजन शामिल करे जिससे आपका पेट सही रहेगा और आप स्वस्थ रहेगे।

4. ज्यादा से ज्यादा पानी पिये

ज्यादा पानी पीने से आपके पेट की समस्या कम होती है और आपके पेट की गतीविधियों को ठीक रखता है।

इसलिए जरूरी है आपको हर दिन 7 से 8 ग्लास पानी पीने की प्यास लगने पर सोडा युक्त या कोलड्रिंक का सेवन मत करे।

5. अपने हाथ अच्छे से धोये

हमे खाना खाने से पहले या फिर शोचालय जाने के बाद अपने हाथो को जरूर अच्छे से धोना चाहिए जिससे हमारे पेट में किसी भी प्रकार के रोगाणुओ को फेलने से रोकने में मदद मिलती है।

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