family planning methods safe period

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सुरक्षित काल अथवा रिझ पद्धति – परिवार नियोजन Family Planning

सुरक्षित काल अथवा रिझ पद्धति का मतलब होता है ऐसे समय में स्त्री के साथ संभोग नहीं करना चाहिए जिस समय में पुरुष के शुक्राणु स्त्री के डिम्ब से मिल सकते हैं।

इसके लिए किसी योग्य चिकित्सक से राय ले लेनी चाहिए क्योंकि चिकित्सक स्त्री के मासिकस्राव की तिथि आदि पता करके यह बता सकता है कि किस-किस दिन पुरुष के शुक्राणु और स्त्री के डिम्ब आपस में मिल सकते हैं।

इन दिनों में स्त्री के साथ संभोग करने से गर्भ ठहरने का डर रहता है और इन दिनों के अलावा बाकी दिनों में स्त्री और पुरुष बिना किसी डर के संभोगक्रिया का आनंद उठा सकते हैं।

 

कंडोम – परिवार नियोजन Family Planning

कंडोम गर्भ को ठहरने से रोकने के लिए पुरुषों का एक बहुत ही सस्ता और सरल साधन है। कंडोम बहुत ही पतली रबड़ से बना होता है जिसको पुरुष के द्वारा अपने लिंग पर चढ़ाने पर भी खास महसूस नहीं होता कि लिंग पर कुछ चढ़ा है या नहीं।

यह कंडोम पुरुष के लिंग को पूरी तरह से ढक लेता है जिससे उसका वीर्य स्त्री के डिंब से मिल नहीं पाता और स्त्री को गर्भ ठहरने का डर नहीं रहता।

कंडोम 2 प्रकार के होते हैं- पहला कंडोम प्लेन और आगे-पीछे से समान आकार का होता है। दूसरे प्रकार का कंडोम इससे कुछ अलग होता है।

इसका आगे का भाग ऊपर के भाग से कुछ संकीर्ण होता है और वहां पर एक टोंटी सी लगी होती है। इससे संभोगक्रिया के समय जब पुरुष का वीर्यपात होता है तो वह स्त्री की योनि में न जाकर टोंटी में ही जमा हो जाता है।

गर्भ को रोकने वाली गोलियां – परिवार नियोजन Family Planning

गर्भनिरोधक गोलियां स्त्रियों के द्वारा प्रयोग किया जाने वाला और गर्भ को रोकने वाला सबसे सरल और अच्छा उपाय है।

इन गोलियों को माला डी के नाम से जाना जाता है बहुत से चिकित्सा केंद्रों में तो यह गोलियां मुफ्त दी जाती हैं।

इन गोलियों को हार्मोन्स से तैयार किया जाता है और इनके सेवन से डिम्ब तैयार होकर स्त्री के गर्भाशय तक नहीं आता।

अगर स्त्री इन गोलियों का सेवन करती है और उसे बच्चा चाहिए तो उसे इनका सेवन बंद कर देना चाहिए।

यह गोली रोजाना 1-1 करके खानी पड़ती है। इनका सेवन करते समय अगर किसी दिन गोली खाना भूल जाए तो दूसरे दिन 2 गोली खाई जा सकती हैं।

लूप – परिवार नियोजन Family Planning

दोस्तों लूप भी स्त्रियों द्वारा प्रयोग किया जाने वाला गर्भ को ठहरने से रोकने का एक अच्छा साधन है।

लूप का प्रयोग स्त्री के द्वारा पहले बच्चे को जन्म देने के बाद 2-3 साल तक दूसरे बच्चे का जन्म होने से रोकने के लिए किया जाता है।

एक बात का ध्यान रखना जरूरी है कि लूप का प्रयोग किसी कुशल नर्स आदि की देखरेख में करना चाहिए।

कापर टी – परिवार नियोजन Family Planning

कापर टी भी लूप की ही तरह का ही एक साधन होता है जिसे स्त्री के गर्भाशय पर फिट किया जाता है। यह अंग्रेजी के टी के आकार मे होता है।

इसके ऊपर तांबे के तार लिपटे होते हैं जिसके कारण इसमे गर्भ को रोकने की ताकत और ज्यादा हो जाती है।

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चेक पेसरी – परिवार नियोजन Family Planning

गर्भ को ठहरने से रोकने के लिए चेक पेसरी को स्त्रियों के द्वारा प्रयोग किया जाने वाला एक बहुत ही अच्छा साधन माना जाता है।

चेक पेसरी टोपी के आकार की होती है और इसे डच भी कहा जाता है। स्त्री को किसी स्त्री विशेषज्ञ से अपने जननांगों की जांच करवाकर अपने साइज की चेक पेसरी लेनी चाहिए। डायाफ्राम पेसरी 50, 55, 60 और 100 नंबर के साइज में होती है।

सरवाइकल कैप 0, 1, 2, 3 नंबर के साइज में आते हैं। अगर दोनों आकार की पेसरियों को पहनना हो तो इन्हें पहनने से पहले स्त्री को पेशाब करके अपने मूत्राशय को अच्छी तरह से धोकर साफ कर लेना चाहिए।

कुछ स्त्रियां बैठी हुई अवस्था में, कुछ आधी लेटकर और कुछ पूरी तरह से लेटकर पेसरी पहनने में सुविधा महसूस करती हैं।

पेसरी को कभी भी पति के सामने नहीं पहनना चाहिए क्योंकि इससे पति के ऊपर मनोवैज्ञानिक असर पड़ सकता है।

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पेसरी को फिट करने से पहले उसके ऊपर शुक्रकीट नाशक क्रीम या जैली लगा लेनी चाहिए। संभोगक्रिया करने के तुरंत बाद में इसको निकालने की जरूरत नहीं होती अगर रात को संभोग किया गया हो तो सुबह इसे निकाला जा सकता है।

शुरू-शुरू में पेसरी को फिट करने के लिए स्त्री विशेषज्ञ की जरूरत पड़ती है लेकिन कुछ समय में स्त्री को खुद इसे फिट करने की आदत पड़ जाती है। वैसे पेसरी को फिट करने का तरीका बहुत ही आसान है।

इसके लिए सबसे पहले स्त्री पैरों के बल बैठ जाये तथा योनि के निचले भाग को पैरों पर टिका लें। अब गर्भाशय का मुंह नीचे आ जाता है और आसपास की मांसपेशियां फैल जाती हैं।

इसके बाद स्त्री को गर्भ रोकने वाली जैली को पेसरी से चिपकाकर अंगूठे के साथ वाली उंगली में पहनकर चपटी रखे हुए धीरे-धीरे योनि में प्रवेश कराने के बाद उंगली से धीरे-धीरे ऊपर की ओर सरकाएं ताकि पेसरी दोनों किनारों पर सही स्थान पर फिट बैठ जाए।

अंगूठे के साथ वाली उंगली को योनि में प्रवेश कराके यह पता लगा लेना चाहिए कि पेसरी फिट बैठ गई है या नहीं।

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