diwali kab ki hai – दिवाली कब की है

diwali kab ki hai

दीपावली दिन 1
5 नवंबर 2018, सोमवार
त्रयोदशी तिथि

diwali kab ki hai – दिवाली कब की है 

धनतेरस, धनत्रयोदशी, यम दीप

धनतेरस पूजा को धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। जिसे दिवाली के 2 दिन पहले मनाया जाता है।धनतेरस के दिन कुबेर देव का पूजन किया जाता है।

इस दिन घर के बाहर मृत्यु के देव यमराज के लिए यम दीप जलाया जाता है। माना जाता है इस दिन दीया जलाने से घर के सदस्यों पर अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता।

इस दिन सोना, चांदी के बर्तन, आभूषण आदि खरीदना शुभ माना जाता है।

दीपावली दिन 2
6 नवंबर 2018, मंगलवार

चतुर्दशी तिथि

नरक चतुर्दशी, बंगाली काली पूजा, छोटी दिवाली

छोटी दिवाली को नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है। इस दिन सायंकाल के समय थोड़े से दीपक जलाएं जाते है। इस दिन को काली चौदस के नाम से भी जाना जाता है।

दीपावली दिन 3

7 नवंबर 2018, बुधवार

अमावस्या तिथि

दिवाली, लक्ष्मी पूजा, चोपड़ा पूजा, दिवाली देवपूजा

दीपवाली, 5 दिनों तक चलने वाले इस पर्व का मुख्य दिन होता है जिसमे लक्ष्मी पूजन किया जाता है। इस दिन लक्ष्मी पूजन का बड़ा खास महत्व होता है।

कहते है इस दिन पूरे श्रद्धा भाव से लक्ष्मी पूजन करने से माँ लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती है। दिवाली के दिन लक्ष्मी जी के साथ गणेश और कुबेर देव का भी पूजन किया जाता है।

इस दिन घर में बहुत सारे दीये जलाये जाते है। माना जाता है ये दीये अमावस्या की काली रात में प्रकाश फैलाने का काम करते हैं।

दीपावली दिन 4
8 नवंबर 2018, गुरुवार

प्रतिपदा तिथि

गोवर्धन पूजा, अन्नकूट, बलि प्रतिपदा

गोवर्धन पूजा, दिवाली पूजा के अगले दिन मनाई जाती है। ये पर्व भगवान इंद्र पर भगवान् श्री कृष्ण की विजय के रूप में मनाया जाता है।

इस दिन को अन्नकूट पूजा के नाम से भी जाना जाता है। गोवर्धन पूजा के दिन गेहूं, चावल, कड़ी, और हरी पत्तेदार सब्जियां बनाई जाती है और उसे भगवान कृष्ण को भोग लगाया जाता है।

दीपावली दिन 5 यानि 9 नवंबर 2018, शुक्रवार

द्वितीय तिथि: भाई दूज, भाउ बीज, यम द्वितीय

भाई दूज भाई-बहन का पवित्र त्यौहार है जिसे सभी बड़े प्रेम से मनाते हैं। भाई दूज के दिन बहनें अपने भाई की लंबी आयु के लिए प्रार्थना करती है और उन्हें माथे पर तिलक लगाती हैं।

जिसके बाद भाई अपनी बहनों को उपहार देते हैं। रक्षा बंधन के बाद यह दुसरा पर्व है जिसे भाई बहन के प्रेम के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।

भाई दूज 5 दिनों के दिवाली फेस्टिवल का आखिरी दिन होता है।

इस साल 7 नवंबर, 2018 को मनाई जाएगी. दीपों के त्योहार दीपावली पूजा कब है जैसे सवालों से आप परेशान होंगे इसलिए दिवाली या दीपावली 2018 का पूरा डेट और तारीख का कैलेंडर अभी नोट कर लीजिए |

 4 नवंबर को गोवत्स द्वादशी से शुरू होकर 8 नवंबर को भैया दूज तक इस साल का दिवाली पर्व कैलेंडर होगा. इस दौरान धनतेरस, काली पूजा, लक्ष्मी पूजा, गोवर्धन पूजा, यम द्वितीया जैसे पर्व मनाए जाएंगे |

दिवाली 2018 पूजा कैलेंडर का पहला दिन– 4 नवंबर, रविवार: दीपावली 2018 पूजा कैलेंडर की शुरुआत 4 नवंबर से होगी जिस दिन गोवत्स द्वादशी, बासु बरस पूजा होगा |

दिवाली 2018 पूजा कैलेंडर का दूसरा दिन– 5 नवंबर, सोमवार: दीपावली 2018 पूजा कैलेंडर के दूसरे दिन 5 नवंबर को धनतेरस पूजा है |

diwali kab ki hai – दिवाली कब की है 

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धनतेरस पूजा को धनत्रयोदशी या धनवंतरि त्रयोदशी भी कहते हैं. इसी दिन काली चौदस, यम दीपम और हनुमान पूजा भीा है |

दिवाली 2018 पूजा कैलेंडर का तीसरा दिन– 6 नवंबर, मंगलवार: दीपावली 2018 पूजा कैलेंडर के तीसरे दिन 6 नवंबर को नारक चतुर्दशी, तमिल दीपावली भी होती है. इसी दिन बंगाल काली पूजा भी है |

दिवाली 2018 पूजा कैलेंडर का चौथा दिन– 7 नवंबर, बुधवार: दीपावली 2018 पूजा कैलेंडर के चौथे दिन 7 नवंबर को लक्ष्मी पूजा, दिवाली पूजा भी होगी |

दिवाली 2018 पूजा कैलेंडर का पांचवा दिन-8 नवंबर गुरुवार: दीपावली 2018 पूजा कैलेंडर के पांचवा दिन 8 नवंबर को गोवर्धन पूजा के, साथ ही अनाकुत बाली पूजा होगा |

दिवाली 2018 पूजा कैलेंडर का छठा दिन -9 नवंबर शुक्रवार: दीपावली 2018 पूजा कैलेंडर के छठा दिन 9 नवंबर को भाई दूज की पूजा होती है |

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